एक महीने के प्रार्थना का जीवन - One Month of Prayer Life

   "प्रार्थना एक जीवित आत्मा का परमेश्वर के साथ सम्पर्क है, प्रार्थना मनुष्य की विपन्नता को परमेश्वर की सम्पन्नता से भर देती है। प्रार्थना परमेश्वर के सामर्थ्य के आगमन पर मनुष्य की निर्बलता को दूर कर देती है।"
   क्या कभी आपको ऐसा लगा कि आपकी प्रार्थनाएँ अब वैसी नहीं जैसी उन्हें होना चाहिए? परन्तु आपको इसका निश्चय भी नहीं कि क्यों? आपको ज्ञात है कि आप किसी की चिन्ता करते हैं अथवा किसी वस्तु की आपको चिन्ता है, परन्तु जब आप उसके लिए प्रार्थना करते हैं न तो कोई जीवन नजर आता न आशा और न ही आपकी प्रार्थना में कोई जय दिखाई देती है? ठीक है, यहां पर 31 DAY आपको प्रार्थना में एक नये उन्नत स्तर, आत्मीयता, तथा हियाव में ऊपर उठने के लिए सहायता हेतु तैयार की गई है।

    परिचय
1. बने रहना
2. पाप से क्षमादान
3. परमेश्वर के परिवार में गोद लिया जाना
4. आपके लिए परमेश्वर का प्रेम
5. परमेश्वर के सिंहासन तक मुक्त पहुँच
6. परमेश्वर का उपाय
7. हमारे जीवन के लिए प्रभु का उद्देश्य
8. आनंदित होना परमेश्वर की भव्यता 
9. परमेश्वर की उदारता देना
10. परमेश्वर की संगति
11. विश्वास करना
12. पवित्रता के लिए परमेश्वर की बुलाह
13. खोये हुओं के लिए परमेश्वर का हृदय
14. परमेश्वर की उत्तर देने की इच्छा सुनना
15. भरोसा करना
16. परमेश्वर की दया
17. निर्धनों के लिए परमेश्वर की चिन्ता
18. आज्ञाकारिता परमेश्वर के नाम की सामर्थ्य
19. उसके वचन की सामर्थ्य
20. पवित्रात्मा की सामर्थ्य
21. सामना करना
22. वैयक्तिक शत्रुता
23. शत्रु का सामना
24. शांति की सामर्थ्य
25. परमेश्वर की बड़ाई
26. सेवकाई में विरोध का इन्कार
27. मसीह के साथ विराजमान
28. बंदियों की रिहाई
29. पवित्रात्मा की वर्धमानी
30. उत्तरित प्रार्थना की शर्ते
31. अविश्वासी घराने में वास