परमेश्वर की बड़ाई - The Greatness of God

   परमेश्वर सारी महिमा और सम्मान के योग्य है। जब आप परमेश्वर की महिमा करते तथा उसकी सृष्टि में उसकी बड़ाई करते हैं तब शैतान के छावनी में परेशानी की स्थिति पैदा होती हैं। जब आराधक परमेश्वर की सेना के आगे - आगे चले, बिना लड़े जय मिली (2इति. 20:20-25)।
   इन वचनों को पढ़िये तथा अपने जीवन तथा परिवार में परमेश्वर की महिमा कीजिये।


परमेश्वर का  वचन

यशायाह 45:12
   मैं ही ने पृथ्वी को बनाया और उसके ऊपर मनुष्यों को सृजा है; मैं ने अपने ही हाथों से आकाश को ताना और उसके सारे गणों को आज्ञा दी है।

   यशायाह 45:18
क्योंकि यहोवा जो आकाश का सृजनहार है, वही परमेश्वर है; उसी ने पृथ्वी को रचा और बनाया, उसी ने उसको स्थिर भी किया; उसने उसे सुनसान रहने के लिये नहीं परन्तु बसने के लिये उसे रचा है। वही यों कहता है, मैं यहोवा हूं, मेरे सिवा दूसरा और कोई नहीं है।

   कुलुस्सियों 1:16
क्योंकि उसी में सारी वस्तुओं की सृष्टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं।

   प्रकाशित वाक्य 5:13
फिर मैं ने स्वर्ग में, और पृथ्वी पर, और पृथ्वी के नीचे, और समुद्र की सब सृजी हुई वस्तुओं को, और सब कुछ को जो उन में हैं, यह कहते सुना, कि जो सिंहासन पर बैठा है, उसका, और मेम्ने का धन्यवाद, और आदर, और महिमा, और राज्य, युगानुयुग रहे।

  भजन संहिता 148:5
वे यहोवा के नाम की स्तुति करें, क्योंकि उसी ने आज्ञा दी और ये सिरजे गए।


प्रार्थना

   हे स्वर्ग और पृथ्वी के परमेश्वर, तुझे छोड़ दूसरा कोई ईश्वर है ही नहीं, तू जिसने पृथ्वी को बनाया, तूने मनुष्य को भी रचा। तूने स्वर्ग को भी बनाकर ताना है, तेरे लिए कुछ भी कठिन नहीं है, तू ही सर्वशक्तिमान है मेरा हृदय आनंदित होता है तथा हियाव पाता है, मैं अपने जीवन तथा परिवार में तेरे मालिकी की घोषणा करता हूँ कि तू हर सृजी हुई वस्तु के ऊपर है, चाहे स्वर्ग की हो या पृथ्वी पर की, चाहे दृश्य हों या अदृश्य, ऐसा कोई शासक, अधिकार या प्रधानता नहीं हैं, जो तेरे अधीन न आती हों, हर चीज जो सृजी गई है, तेरे शासन के अधीन आती है, मैं तेरे वचन के साथ सहमत हूँ, जो यह कहता है, "हर घुटना झुकेगा, हर जीभ अंगीकार करेगी, कि यीशु ही प्रभु है, "मैं तेरे नाम की महिमा करता हूँ तथा तेरे अधिकार को अपनी सब दिनभर की गतिविधियों में स्वीकार करता हूँ, केवल तू ही प्रशंसा, महिमा और सम्मान के योग्य है, धन्यवाद ! प्रभु. तू सबका प्रभु है। ( इस प्रार्थना को यीशु के नाम से मांगते हैं, आमीन )