विषय: बाइबल के अनुसार लोगों के जीवन में से बीमारी क्यों नहीं जाती? अपने जीवन को कैसे सुधारे जिससे हम चंगे हो जाएँ?
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📖 निर्गमन 15:26
“...क्योंकि मैं तुम्हारा चंगा करनेवाला यहोवा हूँ।”
📖 यूहन्ना 10:10
“मैं इसलिए आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं।”
📖 3 यूहन्ना 1:2
“हे प्रिय, मेरी यह प्रार्थना है, कि जैसे तू आत्मा में कुशल से है, वैसे ही सब बातों में कुशल से रहे, और भला चंगा रहे।”
✝️ परिचय
बहुत लोग पूछते हैं —
हम प्रार्थना करते हैं, चर्च जाते हैं, फिर भी बीमारी क्यों नहीं जाती?
• क्यों कुछ लोग बार-बार बीमार होते हैं?
• क्यों कुछ लोग चंगाई पाकर भी फिर गिर जाते हैं?
• बाइबल बताती है कि परमेश्वर चंगाई देना चाहता है, पर कई बार मनुष्य अपने जीवन में ऐसी बातें रखता है जो चंगाई को रोक देती हैं।
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बीमारी क्यों रहती है और जीवन कैसे सुधारेँ कि चंगाई मिले।
1️⃣ पाप और गलत जीवनशैली
📖 भजन संहिता 38:3
“मेरे पाप के कारण मेरी हड्डियों में चैन नहीं।”
• कई बार बीमारी का कारण पाप है पर हर बीमारी पाप के कारण नहीं है
• लेकिन कुछ बीमारी गलत जीवन, पाप, व्यभिचार, नशा, क्रोध, बुरी आदतें भी लाती हैं।
• अगर कोई शरीर को नष्ट करे, नशा करे, गलत खान-पान करे, रात-दिन बिगाड़ दे — तो बीमारी आएगी।
👉 जीवन सुधारो:
• पाप छोड़ो
• नशा छोड़ो
• शरीर को पवित्र समझो
• अनुशासन में रहो
2️⃣ क्षमा न करना
📖 मरकुस 11:25
“जब तुम प्रार्थना करो, यदि किसी से बैर हो तो क्षमा करो।”
• बहुत लोग बाहर से ठीक दिखते हैं, अंदर bitterness रखते हैं।
कड़वाहट शरीर को भी बीमार करती है।
👉 जीवन सुधारो:
• जिनसे आपको दुख मिला है. उन्हें क्षमा करो
• मन हल्का करो
• पुरानी चोटें प्रभु को सौंप दो
3️⃣ विश्वास की कमी
✨ यीशु मसीह ने विश्वास के कारण चंगाई दी
1• दो अंधे व्यक्ति – आँखें खुलीं
(मत्ती 9:27-30)
👉 यीशु ने कहा: “तुम्हारे विश्वास के अनुसार तुम्हारे लिये हो।”
2• कनानी स्त्री की बेटी – दुष्टात्मा से छुटकारा
(मत्ती 15:22-28)
👉 यीशु ने कहा: “हे स्त्री, तेरा विश्वास बड़ा है।”
3• रक्तस्राव से पीड़ित स्त्री – 12 साल की बीमारी से चंगी
(मरकुस 5:25-34)
👉 “पुत्री, तेरे विश्वास ने तुझे चंगा किया।”
4• अंधा बरतिमै – आँखों की ज्योति मिली
(मरकुस 10:46-52)
👉 “जा, तेरे विश्वास ने तुझे अच्छा किया।”
5• दस कोढ़ियों में से सामरी व्यक्ति – पूरा स्वस्थ और उद्धार
(लूका 17:11-19)
👉 “उठकर चला जा; तेरे विश्वास ने तुझे अच्छा किया।”
6• पापिनी स्त्री – पाप क्षमा और शांति
(लूका 7:36-50)
👉 “तेरे विश्वास ने तेरा उद्धार किया।”
7• लकवे का रोगी – मित्रों के विश्वास से चंगा
(मरकुस 2:1-12)
👉 यीशु ने उनका विश्वास देखकर रोगी को चंगा किया।
8• रोमी सूबेदार का सेवक – दूर से चंगाई
(मत्ती 8:5-13)
👉 यीशु ने कहा: “इतना विश्वास मैंने इस्राएल में भी नहीं पाया।”
9• याईर की बेटी – जीवित हुई
(मरकुस 5:35-43)
👉 यीशु ने कहा: “मत डर, केवल विश्वास रख।”
10• जन्म से अंधा व्यक्ति – दृष्टि पाई
(यूहन्ना 9:1-7)
👉 आज्ञाकारिता और विश्वास से चंगाई मिली।
🔥 छोटा संदेश
जहाँ विश्वास है, वहाँ यीशु का कार्य है।
जहाँ भरोसा है, वहाँ चमत्कार का रास्ता खुलता है।
कई लोग प्रार्थना तो करते हैं, पर मन में कहते हैं — “शायद नहीं होगा।”
👉 जीवन सुधारो:
• वचन पढ़ो
• विश्वास बढ़ाओ
• चंगाई के वचन बोलो
• संदेह नहीं, भरोसा रखो
4️⃣ गलत बोलना
📖 नीतिवचन 18:21
“जीभ में जीवन और मृत्यु की शक्ति है।”
कुछ लोग रोज बोलते हैं —
“मैं कभी ठीक नहीं होऊँगा।”
“मेरी हालत खराब है।”
जो बोलते हो, वही वातावरण बनता है।
👉 जीवन सुधारो:
• बोलो — मैं यीशु के नाम से चंगा हूँ
• मैं मजबूत हूँ
• प्रभु मेरा वैद्य है
5️⃣ प्रार्थना की कमी
📖 मत्ती 26:41
“जागते रहो और प्रार्थना करते रहो।”
• कई लोग समस्या आने पर ही प्रार्थना करते हैं।
• रोज की प्रार्थना जीवन की सुरक्षा है।
👉 जीवन सुधारो:
• सुबह प्रार्थना
• रात धन्यवाद
• परिवार के साथ प्रार्थना
6️⃣ शरीर की अनदेखी
बाइबल शरीर को परमेश्वर का मंदिर कहती है।
📖 1 कुरिन्थियों 6:19
क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह पवित्रात्मा का मन्दिर है; जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्वर की ओर से मिला है, और तुम अपने नहीं हो?
अगर मंदिर की देखभाल नहीं होगी तो कमजोरी आएगी।
👉 जीवन सुधारो:
• सही भोजन
• पर्याप्त नींद
• पानी
• अभ्यास
• साफ-सफाई
7️⃣ समय पर इलाज न लेना
परमेश्वर डॉक्टरों को भी उपयोग करता है।
📖 लूका 5:31
“वैद्य रोगियों के लिये है।”
👉 विश्वास रखो, साथ में इलाज भी लो।
🔥 चंगाई पाने के लिए क्या करें?
• पाप से मन फिराओ
• यीशु से क्षमा माँगो
• क्षमा करो
• प्रार्थना करो
• वचन पढ़ो
• सही जीवन जियो
• विश्वास रखो
• इलाज लो
• धन्यवाद करते रहो
📖 शक्तिशाली लाइन
बीमारी हमेशा शरीर में नहीं होती, कई बार जीवन की गलतियों में होती है। जब जीवन सुधरता है, चंगाई का रास्ता खुलता है
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प्रार्थना
हे स्वर्गीय पिता परमेश्वर,
हम सब आज तेरे पवित्र नाम में तेरे सामने झुकते हैं।
हे यहोवा राफा, तू हमारा चंगा करने वाला परमेश्वर है।
आज हम विश्वास के साथ तेरे सिंहासन के सामने आते हैं।
प्रभु यीशु मसीह, हम मानते हैं कि तू जीवित है, तू सामर्थी है, और आज भी चंगाई देता है।
सब लोग बोलें — आमीन।
हे पिता, आज हम अपने पापों को तेरे सामने मानते हैं।
जो बातें तुझे पसंद नहीं, उन्हें हम छोड़ना चाहते हैं।
जो गलत आदतें हमारे जीवन में हैं, उन्हें हम तेरे चरणों में रखते हैं।
हर छुपा हुआ पाप, हर बुरी सोच, हर गलत संबंध, हर नशा, हर अशुद्धता, हर विद्रोह — आज हम छोड़ते हैं।
यीशु के लहू से हमें धो दे।
सब लोग बोलें — प्रभु हमें शुद्ध कर।
हे प्रभु, हमारे मन को भी शुद्ध कर।
जहाँ घृणा है वहाँ प्रेम दे।
जहाँ जलन है वहाँ शांति दे।
जहाँ क्रोध है वहाँ धीरज दे।
जहाँ टूटन है वहाँ बहाली दे।
जहाँ निराशा है वहाँ नई आशा दे।
सब लोग बोलें — मेरा मन नया कर दे।
हे पिता, जिन लोगों ने हमें दुख दिया, आज हम उन्हें क्षमा करते हैं।
जो हमें धोखा देकर चले गए, हम उन्हें क्षमा करते हैं।
जिन्होंने हमारा अपमान किया, हम उन्हें क्षमा करते हैं।
जिनसे हमारा मन टूटा, आज हम उन्हें तेरे हाथ में छोड़ते हैं।
हम अपने हृदय से कड़वाहट निकालते हैं।
सब लोग बोलें — मैं क्षमा करता हूँ।
प्रभु यीशु, जहाँ क्षमा है वहाँ चंगाई बहा।
हमारे दिल की गाँठें खोल दे।
पुराने घाव भर दे।
आँसुओं के साल समाप्त कर दे।
सब लोग बोलें — मुझे आजाद कर दे।
हे यहोवा राफा, आज हमारे शरीर को छू।
सिर दर्द को छू।
आँखों की कमजोरी को छू।
कानों की समस्या को छू।
गले की बीमारी को छू।
फेफड़ों को छू।
अस्थमा को छू।
दिल को छू।
ब्लड प्रेशर को छू।
शुगर को छू।
लीवर को छू।
किडनी को छू।
पेट की बीमारी को छू।
हड्डियों को छू।
जोड़ों के दर्द को छू।
कमर दर्द को छू।
घुटनों को छू।
नसों को छू।
खाल रोग को छू।
यीशु मुझे छू ले।
बांझपन को छू।
काला पीलिया को छू।
भूख न लगना को छू।
हे प्रभु, हर पुरानी बीमारी जो वर्षों से लगी है, आज तेरे नाम से टूट जाए।
हर मेडिकल रिपोर्ट से बड़ी तेरी शक्ति है।
हर नाम से बड़ा यीशु का नाम है।
कैंसर पर यीशु का नाम।
ट्यूमर पर यीशु का नाम।
संक्रमण पर यीशु का नाम।
कमजोरी पर यीशु का नाम।
सब लोग बोलें — यीशु के नाम में चंगाई।
हे प्रभु, मानसिक रोगों को भी छू।
डर को निकाल दे।
घबराहट को निकाल दे।
डिप्रेशन को निकाल दे।
तनाव को निकाल दे।
नींद न आने की समस्या को निकाल दे।
आत्महत्या के विचारों को निकाल दे।
सब लोग बोलें — मेरा मन चंगा हो।
हे पवित्र आत्मा, अभी उतर।
हर टूटे हुए मन को भर।
हर सूखे जीवन में नई आग लगा।
हर बुझी प्रार्थना को फिर जला।
हर गिरे हुए विश्वासी को उठा।
सब लोग बोलें — पवित्र आत्मा मुझे भर दे।
हे प्रभु, हमारे घरों को छू।
पति-पत्नी के झगड़े समाप्त कर।
परिवार में प्रेम ला।
बच्चों को बचा।
नशे में फँसे लोगों को छुड़ा।
घर की दरिद्रता तोड़।
घर का कलह समाप्त कर।
सब लोग बोलें — मेरे घर में शांति हो।
हे पिता, हमारी वाणी को बदल दे।
अब हम नकारात्मक नहीं बोलेंगे।
अब हम हार की बातें नहीं बोलेंगे।
अब हम बीमारी की घोषणा नहीं करेंगे।
अब हम बोलेंगे — मैं प्रभु में मजबूत हूँ।
मैं चंगा हूँ।
मैं आशीषित हूँ।
मेरा घर बचा हुआ है।
सब लोग बोलें — मेरी जीभ पर आशीष हो।
हे प्रभु, हमें अनुशासन दे।
सुबह उठकर प्रार्थना करने की आदत दे।
वचन पढ़ने की भूख दे।
पवित्र जीवन दे।
शरीर की देखभाल करने की समझ दे।
सही भोजन, सही नींद, सही चालचलन दे।
सब लोग बोलें — मुझे नया जीवन दे।
हे प्रभु यीशु, जहाँ विश्वास कम है वहाँ विश्वास बढ़ा।
जहाँ संदेह है वहाँ भरोसा दे।
जहाँ डर है वहाँ साहस दे।
जहाँ हार है वहाँ विजय दे।
सब लोग बोलें — मेरा विश्वास बढ़ा।
हे पिता, जो लोग इलाज करा रहे हैं, उनके इलाज में आशीष दे।
डॉक्टरों को बुद्धि दे।
दवाइयों में प्रभाव दे।
ऑपरेशन सफल कर।
रिपोर्ट अच्छी कर।
सब लोग बोलें — प्रभु रास्ता बना।
हे प्रभु, आज हम घोषणा करते हैं —
हम शापित नहीं, आशीषित हैं।
हम टूटे नहीं, बहाल हैं।
हम हारे नहीं, विजयी हैं।
हम बीमार नहीं, चंगे हो रहे हैं।
हम अकेले नहीं, प्रभु हमारे साथ है।
अब हर व्यक्ति अपना हाथ अपने शरीर पर रखे और बोले
यीशु के नाम में,
हर बीमारी निकल जाए।
हर कमजोरी निकल जाए।
हर दर्द निकल जाए।
हर बंधन टूट जाए।
मेरे शरीर में नई शक्ति आए।
मेरे मन में नई शांति आए।
मेरे घर में नई खुशी आए।
हे प्रभु, हम धन्यवाद करते हैं।
जो तूने शुरू किया है उसे पूरा करेगा।
हम विश्वास करते हैं कि परिवर्तन शुरू हो चुका है।
चंगाई शुरू हो चुकी है।
बहाली शुरू हो चुकी है।
नई शुरुआत शुरू हो चुकी है।
यीशु मसीह के सामर्थी नाम में प्रार्थना माँगते हैं।
सब लोग जोर से बोलें — आमीन! आमीन! आमीन!

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