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सेवक से बाइबल क्या कहती है - Sevak Se Bible kya Kahati Hai



📖 अध्याय 7: एक सेवक के रूप में झूठी शिक्षा के प्रति आप का क्या कर्त्तव्य होना चाहिए

अ) आप और झूठे शिक्षक या धर्म - भ्रष्ट


1. 🧐 आप को निश्चित करना हैं कि आप सच्चे हैं, यह कि आप स्वयं एक झूठे शिक्षक नहीं हैं - भेड़ की खाल में एक फाड़ खानेवाले भेड़िए नहीं हैं।

"झूठे भविष्यवक्ताओं से सावधान रहो, जो भेड़ों के भेष में तुम्हारे पास आते हैं परन्तु अंतर में फाड़नेवाले भेड़िए हैं" (मत्ती. 7:15) 🐑➡️🐺।

💡 विचार

कुछ सेवकों के लिए यह विचार आपत्तिजनक हो सकता है, परन्तु हमें लगातार अपनी जांच करना हैं। हम में से प्रत्येक को, आपको, मुझे और अन्य सब सेवकों को निश्चित करना अनिवार्य हैं कि हम सच्चे हैं, यह कि हम झूठे शिक्षक नहीं हैं- भेड़ के भेष में फाड़ खानेवाले भेड़ियों नहीं हैं। स्वयं हमारे प्रभु के ये वचन हैं (मत्ती 7:15)।

अब इसे व्यक्तिगत बनाने के लिए, हम में से प्रत्येक स्वयं से यह पूछेः

"क्या मुझे निश्चय हैं कि मैं मसीह का एक सच्चा सेवक हूं? क्या मुझे निश्चय हैं कि मैं एक झूठा शिक्षक नहीं हूं, भेड़ के भेष में एक फाड़ खाने वाला भेड़िया नहीं हूं?" 🤔

हमें सदा यह स्मरण रखना है: प्रत्येक झूठा भविष्यवक्ता या शिक्षक एक सेवक होने का दावा करता हैं और सत्य के प्रतिनिधित्व करने और सिखाने का। परन्तु वह एक सच्चा सेवक नहीं हैं और न वह परमेश्वर का सत्य सिखाता हैं, एक मात्र जीवित और सत्य परमेश्वर का सत्य नहीं, वह सत्य नहीं जिसे परमेश्वर ने उसके पुत्र में और उसके पवित्र वचन में प्रगट किया हैं। यही हैं जो उसे उसे एक झूठा शिक्षक बनाता हैं। ध्यान दें कि मसीह क्या कहता हैं:

"झूठे भविष्यवक्ताओं ... जो भेड़ों के भेष में तुम्हारे पास (परमेश्वर के लोगों) आते हैं परन्तु अंतर में फाड़नेवाले भेड़िए हैं" (मत्ती 7:15) 💥।


अ) 🎭 झूठे शिक्षक भेड़ को भेष में दिखते हैं

  • वे मसीह के प्रति समर्पित प्रतीत होते हैं, ठीक सच्चे सेवकों और विश्वासियों के समान ।

  • वे कहते हैं कि मसीह को जानते हैं और मसीहियों जैसा व्यवहार करते हैं।

  • वे सेवक कहे जाने का दावा करते हैं: और कलीसियाओं में वे सेवकों के पद पर हैं और उनके संदेशों के लिए वे बाइबिल पाठों या वचनों का उपयोग करते हैं।

  • वे ज्योति के दूतों के समान लगते हैं (2 कुरि. 11:13-15)। वे अहिंसक, अबोध, और अच्छे लगते हैं।

  • आरम्भ में तो समाज के श्रेष्ठ नमूने होते हैं, परन्तु उन में दो बातों का अभाव हैं: एक जीवन और एक गवाही जो परमेश्वर के वचन व्दारा परिवर्तित हो 💔।

"क्योंकि ऐसे लोग झूठे प्रेरित, और छल से काम करनेवाले, और मसीह के प्रेरितों का रूप धरनेवाले हैं। और यह कुछ अचम्भे की बात नहीं क्योंकि शैतान आप भी ज्योंतिर्मय स्वर्गदूत का रूप धारण करता हैं। सो यदि उसके सेवक भी धर्म के सेवकों का सा रूप धरें, तो कुछ बड़ी बात नहीं परन्तु उनका अन्ता उनके कामों के अनुसार होगा" (2 कुरि. 11:13-15) 🔥।

ब) 🐺 झूठे शिक्षक फाड़ खानेवाले भेड़िए हैं: वे भेड़ तो बिलकुल नहीं हैं।

  • जाने में या अनजाने में: कुछ झूठे शिक्षक भेड़ियों के समान हैं इस बात में कि उन को यह अहसास न भी हो कि वे वह नहीं हैं जो उन्हें होना चाहिए। वे भेड़ों जैसे दिखते हैं, परन्तु जितना उपभोग वे कर सकते हैं वे करते हैं जिस से कि जो भी उनकी भूख हैं- व्यक्तिगत निश्चय या सिध्दान्त - उसकी पूर्ति करें 😔।

  • व्यक्तिगत लाभ के लिए: कुछ झूठे शिक्षक भेड़ियों के स्थान हैं इस बात में कि वे स्वयं के लिए और व्यक्तिगत लाभ के लिए निकले हैं: अहं, मान्यता, प्रसिध्दि, सम्मन, पद, जीविका, जीवन - कार्य, और सुख 🏆। वे प्राथमिक रूप से चितित हैं अपने स्वयं के प्रेरकों और उध्देश्यों की प्राप्ति के लिए।

  • अपने नुस्खे फैलाते हैं: वे भेड़ के समान लगते हैं, परन्तु वे अपने ही नुस्खे (झूठे सुसमाचार) फैलाते हैं, जोर से पुकारते हुए: "मार्ग यही है; इस में चलो।" वे सब संभव माध्यमों का उपयोग करते हैं: पर्दा, रेडियो, पत्र, पत्रिकाएँ, पुस्तके, समाचार पत्र, और पर्चे 📢।

स) 🚫 झूठे शिक्षक भ्रष्ट धर्मो का प्रचार करते हैं।

वे न्याय, नैतिकता, धार्मिकता और भलाई का प्रचार करते हैं। वे मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक बल की शिक्षा देते हैं; स्वयं - छवि, स्वयं उन्नति, और सकारात्मक विचार करने की -मनुष्यों के सब उच्च आदर्शों और सराहनीय विचारों की। परन्तु वे जीवित प्रभु के सत्य सुसमाचार का प्रचार कभी नहीं करते 🕊️।

"मुझे आश्चर्य होता हैं कि जिसने तुम्हें मसीह के अनुग्रह से बुलाया उससे तुम इतनी जल्दी फिर कर और ही प्रकार के सुसमाचार की ओर झुकने लगे। परन्तु वह दूसरा सुसमाचार हैं ही नहीं: पर बात यह हैं, कि कितने ऐसे हैं, जो तुम्हें घबरा देते, और मसीह के सुसमाचार को बिगाड़ना चाहते हैं। परन्तु यदि हम या स्वर्ग से कोई दूत भी उस सुसमाचार को छोड़ जो हमने तुमको सुनाया हैं, कोई और सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो श्रापित हो..." (गला 1:6-10) ⚠️।

ड) ❌ अंदर से झूठे भविष्यवक्ता भेड़िए हैं, असली भेड़िये, जाने में या अनजाने में।

  • उन्होंने प्रभु यीशु का अंगीकार नहीं किया हैं: कि परमेश्वर ने उसे मृतकों में से जिलाया हैं। (रोमि. 10:9-10) ✝️

  • उन्होंने संसार के "पुराने मनुष्यत्व को नहीं निकाला हैं" (इफि. 4:22)।

  • वे न तो "उनकी मन की आत्मा में नए हुए हैं" और न "नए मनुष्यत्व को पहिना हैं" (इफि 4:23-24; कुलु 3:10; 2 कुरि. 5:17)।

  • वे परमेश्वर व्दारा सेवकाई में नहीं रखे गए हैं (1 तीमु 1:12) 🙏।

ई) 🤯 एक झूठा भविष्यवक्ता कभी कभी नहीं जानता कि वह झूठा हैं।

वह धोखा दे रहा हैं क्योंकि उसे धोखा दिया जा रहा हैं।

"और दुष्ट, और बहकानेवाले धोखा देते हुए, और धोखा खाते हुए, बिगड़ते चले जाएंगे" (2 तीमु. 3:13)।

"...जिन की बुध्दि को इस संसार के ईश्वर ने अंधी कर दी हैं, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप हैं, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके" (2 कुरि. 4:4) 🌑।

मसीह के एक सेवक के रूप में, आप को लगातार यह निश्चित करना हैं कि आप सच्चे हैं और मसीह के प्रति सच्चे बने रहेंगे। आप को कभी भी एक झूठा भविष्यवक्ता, एक फाड़ खानेवाला भेड़िया, स्वयं का शुभचिंतक नहीं बनना हैं।


2. आप को स्वयं की जांच करना हैं: क्या आप विश्वास करते हैं वास्तव में अंगीकार और प्रचार करते हैं कि यीशु ने देह धारणा किया: कि परमेश्वर ने जगत का उध्दार करने के लिए वास्तव में उसके पुत्र को पृथ्वी पर भेजा?

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